सीएलटीए द्वारा अवैध तौर पर सबलेटिंग, अप्रूवल प्रक्रियाओं संबंधित नियमों का पालन न करने और कुप्रबंधन में शामिल होने की बात कही
सीलएटीए लीज डीड को रद्द करने और सीएलटीए फंड के फोरेंसिक ऑडिट की शुरुआत करने की मांग की
चंडीगढ़, 17 फरवरी, 2025: स्पोर्ट्स एडवोकेट और सीनियर टेनिस खिलाड़ी प्रसंग रहेजा ने चंडीगढ़ स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट और चंडीगढ़ लॉन टेनिस एसोसिएशन (सीएलटीए) के बीच की गई लीज डीड में कई गंभीर उल्लंघनों को लेकर सवाल उठाया है। रहेजा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि "इन उल्लंघनों ने सार्वजनिक संपत्तियों के प्रबंधन और दुरुपयोग के साथ-साथ लीज एग्रीमेंट की इंटीग्रिटी के बारे में महत्वपूर्ण चिंताएं पैदा की हैं।"
इन उल्लंघनों और अनियमितताओं को देखते हुए, रहेजा ने चंडीगढ़ प्रशासन से सार्वजनिक संपत्ति के आगे के दुरुपयोग को रोकने के लिए सीएलटीए के साथ लीज डीड को तुरंत रद्द करने का आग्रह किया। रहेजा ने कहा कि "चंडीगढ़ प्रशासन को वित्तीय गड़बड़ियों और राज्य के खजाने को होने वाले संभावित नुकसान की जांच के लिए फोरेंसिक ऑडिट शुरू करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि , "चंडीगढ़ एकेडमी फॉर रूरल टेनिस (चार्ट) के अनधिकृत संचालन और इससे जुड़े फंड की गहन जांच भी होनी चाहिए।"
रहेजा के अनुसार सीएलटीए और चंडीगढ़ प्रशासन (चंडीगढ़ स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट) के बीच की गई लीज डीड के अनुसार निम्नलिखित प्रमुख उल्लंघन चल रहे हैं।
इन गड़बड़ियों के बारे में विस्तार से बात करते हुए एडवोकेट रहेजा ने कहा कि सीएलटीए ने लीज समझौते के क्लॉज 7 का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए परिसर के एक हिस्से को एक कैफे और एक स्पोर्ट्स शॉप को सबलेट कर दिया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने इस उल्लंघन के लिए सीएलटीए को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि ये सारी जानकारी आरटीआई के तहत हासिल की गई है।
उन्होंने आगे कहा कि कानून के अनुसार गृह मंत्रालय (एमएचए) की मंजूरी के बिना 2021 में लीज डीड का रिन्युअल किया गया था। यह उल्लंघन लीज समझौते की इंटीग्रिटी को और कमजोर करता है और वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशंस का खंडन करता है, जो लीज रिन्युअल के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को निर्धारित करता है। चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा वर्ष 2021 में लीज डीड का रिन्युअल करते समय नोटिफिकेशन संख्या 8(18)2010-ई-11-(ए) तारीख 28 मार्च 2011 तथा वित्त नीति 2017 को भी ध्यान में नहीं रखा गया। लीज समझौते की शर्तें पक्षपात और भ्रष्टाचार को दर्शाती हैं, क्योंकि सीएलटीए को विशेष रियायतें दी गई हैं जो चंडीगढ़ में अन्य स्पोर्ट्स एसोसिएशंस को नहीं दी जाती हैं।
उनका कहना है कि तय और स्टैंडर्ड लीज प्रक्रियाओं के अनुरूप न होने तथा एक विशिष्ट संस्था का पक्ष लेने के कारण लीज एग्रीमेंट जांच के दायरे में आ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी खजाने को नुकसान हुआ है।
2017 की लीज डीड के खंड संख्या 4 में परिवर्तन किया गया है, जिससे रखरखाव की जिम्मेदारी सीएलटीए से चंडीगढ़ स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट को ट्रांसफर कर दी गई है। बिना किसी ठोस कारण के किया गया यह बदलाव सीएलटीए को महत्वपूर्ण रिपेयर दायित्वों से छूट देकर अनुपातहीन रूप से लाभान्वित करता है, जो कमर्शियल लीज प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं है। ऑडिट की आपत्तियों के बावजूद, आश्चर्यजनक रूप से 2021 में रिन्यू की गई लीज डीड में रखरखाव की महत्वपूर्ण क्लॉज को बदल दिया गया।
रहेजा ने लीज परिसर में प्राइवेट एकेडमी में फंड्स के दुरुपयोग के बारे में आगे जानकारी दी और बताया कि सीएलटीए ने सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने का दावा करते हुए “चार्ट” (चंडीगढ़ एकेडमी फॉर रूरल टेनिस) की स्थापना भी की है। हालांकि, लीज एग्रीमेंट सीएलटीए को लीज परिसर में ऐसी एकेडमी संचालित करने के लिए अधिकृत नहीं करता है। इसके बावजूद, एकेडमी को प्राइवेट स्पॉन्सर्स और विभिन्न आर्गेनाइजेशंस से धन प्राप्त हुआ है।
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